Wednesday, 20 September 2017
Saturday, 6 May 2017
Thursday, 4 May 2017
Wednesday, 8 March 2017
Saturday, 21 January 2017
................
मुरझाते इक फूल ने ,
ज़ाहिर की ख़ुशबू को इक बात,
"जानते हैं हम कि बदल जाएगा वक़्त,
मग़र कमी से आपकी जी ना पाएंगे,
क्या निभाएंगे साथ?"
हँसते हुए कहा ख़ुशबू ने,
"आप तो हमारे पीछे हि हो चले,
चाहिए ना इतना,
कीजिये ना अब और कुछ भी ज़ाहिर,
तकलीफ ज़रा काम होगी.... "
(c) SS
ज़ाहिर की ख़ुशबू को इक बात,
"जानते हैं हम कि बदल जाएगा वक़्त,
मग़र कमी से आपकी जी ना पाएंगे,
क्या निभाएंगे साथ?"
हँसते हुए कहा ख़ुशबू ने,
"आप तो हमारे पीछे हि हो चले,
चाहिए ना इतना,
कीजिये ना अब और कुछ भी ज़ाहिर,
तकलीफ ज़रा काम होगी.... "
(c) SS
Friday, 20 January 2017
Sunday, 15 January 2017
Wednesday, 11 January 2017
.............
मोहब्बत की ठोकर भी अजीब है,
इक बार सौ बार के बराबर है,
जब उससे मात पड़े जिसे सब कुछ देदिया हो,
तो फ़िर प्यार के नाम से भी काँप उठना जायज़ है,
हर उस इंसान से, जो रौशनी दिखाए,
दूरी बनाना जायज़ है,
यक़ीन करने की इक और क़ोशिश से ,
महरूम रेहना जायज़ है,
पर फड़फड़ाती रूह पर इतनी सख़्ती बरतना ,
क्या ये जायज़ है?
परों को यूँ हमेशा के लिए काट फैंकना ,
क्या ये जायज़ है?
ख़ुद को अँधेरों के दामन में मजबूरन ज़िंदा रखना ,
क्या ये जायज़ है?
(c) S.S
Monday, 9 January 2017
Sunday, 8 January 2017
Untitled....
ये ज़रूरी तो नहीं कि हर दर्द जुबां पर आए,
It isn't important that every pain is uttered,
ये ज़रूरी तो नहीं कि हर अश्क़ आँखों को सजाए,
It is not important that every tear must adorn the eyes,
कुछ अल्फ़ाज़ वो मन्नतें होती हैं,
Some words are those prayers,
जो तब तक ख़ामोशी में रहे तो बेहतर हैं,
Which are better silent,
जब तक नसीब न बाँजाऐं ....
Until they become the destiny....
(c) S.S
It isn't important that every pain is uttered,
ये ज़रूरी तो नहीं कि हर अश्क़ आँखों को सजाए,
It is not important that every tear must adorn the eyes,
कुछ अल्फ़ाज़ वो मन्नतें होती हैं,
Some words are those prayers,
जो तब तक ख़ामोशी में रहे तो बेहतर हैं,
Which are better silent,
जब तक नसीब न बाँजाऐं ....
Until they become the destiny....
(c) S.S
Saturday, 7 January 2017
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